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साइबर ठगी : 14 बैंकों के 72 खातों में करीब 5,600 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन

  • कानपुर में साइबर ठगी के ‘करोड़ों के खेल’ का पुलिस कमिश्नर की स्पेशल क्राइम ब्रांच /साइबर सेल टीम का खुलासा, दो शातिर ठगों को गिरफ्तार
  • कानपुर के दो शातिर ठगों ने की 5600 करोड़ की ठगी!
  •  हैदराबाद से गिरफ्तार एक आरोपी के खिलाफ 86 शिकायतें दर्ज होने का दावा।
  •  दोनों आरोपी चमनगंज और बेकनगंज क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
  •  हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया
  • करोड़ों की ठगी में पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
  • ठगी के इस बड़े नेटवर्क में और लोगों के शामिल होने की आशंका, जांच जारी।
कानपुर । साइबर क्राइम थाना पुलिस और SOG टीम ने निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों शाहजेव वारिस और सलमान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में 14 बैंकों के 72 खातों में करीब 5,600 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का पता चला है।


आरोपितों के कब्जे से 65.26 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, तीन चेकबुक, दो एटीएम कार्ड सहित बैंकिंग व फर्मों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। जांच में NCRP पोर्टल पर इन खातों से संबंधित 86 साइबर शिकायतें भी सामने आई हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरोह निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों से रकम फर्जी फर्मों के खातों में मंगाता था। इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों और गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से घुमाया जाता था।



ठगी के गैंग में शामिल पांच वांछित आरोपित


पुलिस ने मामले में इितशाम हुसैन, शाहवेज इलाही, मो. मुजम्मिल, इखलाख हुसैन और मो. आरिफ को वांछित किया है। पुलिस इनके संबंध में साक्ष्य जुटाने के साथ अन्य राज्यों की साइबर क्राइम टीमों से भी समन्वय कर वांछित आरोपियों की तलाश जारी..

जांच में गिरफ्तार आरोपितों के पूर्व आपराधिक मामलों का भी उल्लेख सामने आया है, जिनमें कानपुर के अलावा हैदराबाद, गौतमबुद्ध नगर और आगरा के साइबर अपराध से जुड़े मुकदमे शामिल हैं। पुलिस बरामद मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।