गोरखी समेत सुनवाहा, कोटिखोह और खामखेड़ा गांव के ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य मार्ग पर शराब दुकान संचालित होने से यहां आए दिन शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है और अभद्रता की घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि शराब की वजह से गांव का माहौल बिगड़ रहा है और युवा भी नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसडीओपी सोनाली गुप्ता, तहसीलदार देवेंद्र शुक्ला और थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी मांग सुनी और ज्ञापन लिया।
एसडीओपी सोनाली गुप्ता के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात सुचारु हो सका।
ग्रामीणों के प्रदर्शन ने प्रशासन के सामने शराब दुकान को लेकर उठ रही नाराजगी को साफ तौर पर उजागर कर दिया है।