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शार्प शूटर समीर जाट का एनकाउंटर सवालों के घेरे में..?

रेलिक रिपोर्टर, ग्वालियर.
ग्वालियर पुलिस ने मंगलवार तड़के 3:30 बजे शार्प शूटर समीर जाट को मार गिराया। सिर्फ चार दिन पहले ही अलीगढ़ से फरार हुए समीर पर मध्यप्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट और अपहरण जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। 

शार्प शूटर समीर जाट
शार्प शूटर समीर जाट
अलीगढ़ से फरार होते ही सीधे ग्वालियर आने और घेराबंदी करके मार गिराने का दावा किया ग्वालियर पुलिस ने
 
2012 में शार्ट एनकाउंटर में पकडा था ग्वालियर पुलिस ने, दतिया के तत्कालीन थानेदार धर्मेन्द्र भदौरिया से थे संबंध 

 
अलीगढ़ मे वकीलों ने समीर जाट की प्रेमिका शोभा को पकड़कर पुलिस को सौंपा, शोभा ने पहुंचाए थे हथियार


पुलिस के अनुसार सोमवार रात को मोती झील के पास से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी के दौरान समीर अपने साथी के साथ गुजरने की फिराक में था। पुलिस ने तलाशी के लिए उसे रोका तो उसने गोली चला दी। यहां पुलिस और समीर जाट के बीच घंटों मुठभेड़ के बाद एडिशनल एसपी क्राइम प्रतिमा मैथ्यू ने समीर के गले में गोली उतार कर मार गिराया। 
 
एडिशनल एसपी क्राइम प्रतिमा मैथ्यू
प्रतिमा मैथ्यू

बाद में प्रतिमा ने बताया कि, सोमवार-मंगलवार की रात हमने मोती झील पर कड़ी घेराबंदी कर समीर जाट को एनकाउंटर में मार गिराया है। हालांकि, एक अपराधी भाग निकला। पुलिस ने एक डायरी, कुछ पैसे, 12 बोर का देसी रिवाल्वर और सिम कार्ड बरामद किया है।

प्रेमिका की मदद से भाग निकला था
समीर की प्रेमिका शोभा को अलीगढ़ में वकीलों ने पकड़ा। समीर के फरार होने के बाद शक के कारण वकीलों ने घेर कर पुलिस के हवाले किया तो खुलासा हुआ कि शोभा के भाई के आरोपियों को जेल में ही मार डालने के लिए समीर ने शोभा से रिवाल्वर एवं अन्य हथियार मंगाए थे। अब शोभा कह रही है कि समीर ने धोखा दिया और फरार हो गया।

एनकांउटर पर उठ रहे हैं सवाल
शार्प शूटर समीर जाट
शार्प शूटर समीर जाट
 समीर जाट के एनकाउंटर के लिए घंटों तक गोलियां चलने और सिर्फ एक गोली ही गले में लगने को लेकार सवाल उठ रहे हैं। 
इसके अलावा समीर कभी भी अकेले या सिर्फ एक ही साथी लेकर नहीं निकलता था, जबकि रात को एक साथी के फरार होने का दावा पुलिस ने किया है। इस साथी के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। कहा जा रहा है कि, पुलिस ने समीर के एक खास साथी को पहले ही खबरी बना लिया था, जिसकी मदद से समीर को फसाया गया। बहरहाल कुछ भी हो, एक अपराधी के मारे जाने से ग्वालियर अंचल में शांति ही होगी।