दमोह। जाको राखे साइयां मार सके न कोय... यह पंक्ति रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर उस समय चरितार्थ होते नजर आईं जब एक युवक ट्रेन में चढ़ते समय पटरियों के नीचे गिर गया। जो ट्रेन के नीचे इस तरह लेट गया कि बोगियों के 6 डिब्बे ऊपर से निकलने के बाद भी उसे खरोंच तक नहीं आई और ट्रेन रूकने के बाद वह सकुशल बाहर निकल आया।
दरअसल यह वाक्या 11 नवंबर की रात 11.30 बजे का है। जब गाड़ी संख्या 12181 जबलपुर-अजमेर एक्सप्रेस रात 11.30 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची। दो मिनट स्टॉपेज के बाद जैसे ही गाड़ी चलने लगी, उसी दौरान एक युवक अचानक दौड़ लगाते हुए गाड़ी में चलने लगा, लेकिन वह नशे की हालत में होने के कारण वह सीधे ट्रेन के नीचे रेल पटरी पर पहुंच गया।
गिरते ही युवक सीधे पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच पड़ा रहा। इस दौरान किसी ने ट्रेन के गार्ड को आवाज लगाई। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी, लेकिन तब तक 6 से अधिक बोगियां युवक के ऊपर से निकल गई थीं। ट्रेन के पहिए थमते ही युवक उठा, जिसे अन्य यात्रियों ने ऊपर कर लिया। उसे खरोंच तक नहीं आई। जीआरपी ने युवक से पूछताछ की और छोड़ दिया।
दरअसल दमोह रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर-1 की ऊंचाई काफी कम होने के कारण ट्रेन की बोगी एवं प्लेटफार्म के बीच करीब ढाई फीट का अंदर रहता है। जिससे लोग ट्रेन के नीचे चले जाते हैं। पूर्व में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन दो दिन पहले हुई घटना में गनीमत यह रही कि युवक सीधे जमीन में लेटा रहा, जिससे उसकी जान बच गई।
