भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्षों के कार्यकाल में वृद्धि का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री निवास पर जिला एवं जनपद अध्यक्षों के प्रतिनिधि मंडलों से चर्चा के दौरान बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल में वृद्धि आगामी चुनाव होने तक के लिए होगी।
सरकार ने इसके पहले 13 अप्रैल को जिला एवंं जनपद पंचायतों में प्रशासकों (जिले में कलेक्टर और जनपद में एसडीएम) की नियुक्ति के आदेश दिए थे, लेकिन 17 अप्रैल यानि शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस आदेश को पलटते हुए जिला एवं जनपद पंचायतों के अध्यक्षों के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया है। बता दें कि मध्य प्रदेश में जिला एवं जनपद पंचायतों का कार्यकाल मार्च में खत्म हो गया था और अप्रैल में चुनाव कराए जाने थे। अब तक सभी जिला एवं जनपद पंचायतों के कार्यकाल को आगामी चुनावों के तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
कोरोना संकट की वजह से चुनाव कराना संभव नहीं : शिवराजमुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रतिनिधि प्रशासन और जनता के बीच एक अहम महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। कोरोना के कारण उत्पन्न वर्तमान परिस्थितियों में चुनाव कराना संभव नहीं है और संकट की इस घड़ी में ग्रामीण प्रतिनिधियों के उत्तरदायित्व को देखते हुए इनके कार्यकाल को बढ़ाया जाना आवश्यक है। इससे वे जनता और प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर स्वतंत्र मन से कार्य कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की स्थिति में जनता की मदद करनी हो या फिर जनता को जागरूक करने का काम हो ऐसी स्थिति में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
20 अप्रैल के बाद पाबंदिया हटाएंगे: सीएम शिवराजमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 20 तारीख के बाद भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुरूप कुछ पाबंदियों में शिथिलता लाएंगे। ऐसे क्षेत्र जो हॉटस्पॉट और कैंटोनमेंट की परिधि में नहीं आते वहां मजदूरों को रोजगार देने वाले काम जैसे मनरेगा के कार्य और अन्य छोटे-छोटे निर्माण कार्य शुरू हो सकेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। इन सभी कार्यों को गतिमान करने के लिए हमारे जनप्रतिनिधियों की जहां एक ओर महती भूमिका होगी वहीं कोरोना की इस संकट की घड़ी से बाहर निकलने में भी वे मदद कर सकेंगे।
