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अतिक्रमण हटाने वाले एसडीएम को नहीं रूकने देता जिला प्रशासन

बेगमगंज। नगर में जगह जगह अतिक्रमण पैर पसारे हुए है उक्त अतिक्रमण को जो भी  एसडीएम हटवाता है उसे नगर से हटा दिया जाता है। एसडीएम संजय उपाध्याय केसाथ भी पिछले दो एसडीएम की तरह बर्ताव हुआ कि उन्होने जैसे ही पुराना स्टैंड से लेकर गांधी बाजार तक दुकानांे के सामने का अतिक्रमण हटवाया तो दो तीन दिन बाद ही उन्हें जिला मुख्यालय पर यह कहकर कि प्रशासन कार्य सुविधा के लिए बुला लिया गया। जबकि हकीकत यही है कि जब एसडीएम संतोष चंदेल ने दंबगता के साथ अस्पताल परिसर का अतिक्रमण हटवाकर वहां की बाउंड्री वाॅल बनवाई तो उनका स्थानान्तर तत्कालीन राजस्व मंत्री ने कराते हुए सागर बुलवा लिया। उसके बाद आए एसडीएम अखलेश जैन ने टेकरी के ऊपर का अतिक्रमण तुड़वाया तो फिर तत्कालीन राजस्व मंत्री गोंिवद सिंह राजपूत ने उन्हें राहतगढ़ अपने क्षेत्र में बुलवा लिया और दोनो ही बार यह कहा गया कि उनके स्थानान्तर प्रशासनिक हुए हैं किसी के कहने से या शिकायत पर नहीं किए गए हैं अब जबकि एसडीएम संयज उपाध्याय अच्छा कार्य करते हुए नगर को व्यववस्थित करने के लिए आवश्यक अतिक्रमण हटवाया ताकि लाॅक डाउन का पालन करते समय जाम न लगे और ग्राहक दुकानों के सामने सोशल डिस्टंेश के साथ खड़े
हो सकें तो उनका स्थानान्तर रायसेन कर दिया गया।    एसडीएम संजय उपाध्याय प्रशासनिक कसावट के साथ लाॅक डाउन का पालन ही नहीं करा रहे थे बल्कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखवा कर उनका स्वास्थ्य परिक्षण आइशोलेशन सेंटर मंे या होम क्वारेंटाइन करवा रहे थे इसी बीच पुराना स्टैंड  से लेकर गांधी बाजार तक अधिक भीड़ भाड़ होने तथा दुकानदारांे के जरिए सड़क तक पर अपना सामान फैलाने के कारण सोशल डिस्टंेश के पालन में आ रही परेशानी के मद्देनजर उन्होने अति क्रमण हटवाने के साथ ही कुछ लोगो पर
प्रकरण क्या बनाए कि उन्हंे तत्काल यहां से हटा दिया गया। इस्से पहले उन्होने रोगी कल्याण समिति की दुकानों का बकाया किराया वसूली तथा वहां अतिक्रमण हटवाया तथा बस स्टैंड की दुकानों के किराए की वसूली अभियान चलाया तभी से कुछ नेताआंे के पेट मे ंदर्द होने लगा था कि एसडीएम को हटवाया जाए क्यांेकि जैसे ढर्रा चल रहा है वैसा ही चलता रहे। अचानक आदेश के बाद कि एसडीएम संजय उपाध्याय को प्रशासनिक कार्य के कारण डिप्टी कलेक्टर रायसेन पदस्थ कर दिया गया है वहीं उनके स्थान पर कोई अन्य एसडीएम को पदस्थ तो नहीं किया गया है उनका कार्यभार देखने के लिए सिलवानी एसडीएम एलके खरे को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। कुल मिलाकर जन चर्चा है कि नगर का अतिक्रमण जो भी एसडीएम हटवाएगा उसे यहां से हटा दिया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रभारी एसडीएम या वांगत एसडीएम जो भी आता है वह नगर के अधूरे अतिक्रमण को हटवाता है या नेताआंे के दवाब में उसे बढ़ावा देता है।

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