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पीपल और बरगद के वृक्ष देते है सर्वाधिक आॅक्सीजन, इन्हें रोपें


बेगमगंज। जून माह मंे तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया है। भीषण गर्मी से लोग परेशान है लगातार बढ़ रहे तापमान का मुख्य कारण पीपल एवं बरगद जैसे वृक्षों की  हो रही कमी व सीमेंट क्रांकीट की सड़कें है। नगर में 100 प्रतिशत सीमेंट कंाक्रीट की सड़कें बनी है। ग्रामीण क्षेत्रेां में भी अब यह सड़कें बनने लगी है। वहीं पेड़ों की कमी से वातावरण गर्म हो रहा है।

उक्त बात वनांे का संरक्षण करने वाले जयराम सिह लोधी ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही नगरीय क्षेत्र में घूम घूम कर ग्रामीणांे को वृक्षांे का महत्व बताते हुए वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित कर रहे है।  उन्होने बताया कि पीपल के वृक्ष में सबसे ज्यादा आॅक्सीजन मिलती है। यह रात मंे भी आॅक्सीजन छोड़ता है। पीपल का वृक्ष एक घंटे मंे जितनी आॅसीजन देता है उससे डेढ़ गुनी कार्बनडाई आक्साइड ग्रहण करता है। इसलिए इसे सबसे ज्यादा पौधें रोपें और उन्हें पेड़ बनाएं।

उन्होने कहा कि नगर के बाहरी इलाके जहां पर नई कालोनियां बन रही है वहां पर पीपल एवं बरगद जैसे पौधों का रोपण किया जाना चाहिए। इसमें युवाआंे को पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण के लिए आगे आना पड़ेगा तभी हमारा शहर और भी हरा भरा बन सकेगा।

उन्होने बताया कि कुछ वर्ष पूण सड़क के दोनों ओर दर्जनांे बड़े बड़े वृक्ष हुआ करते थे लेकिन इस मार्ग पर अब सिर्फ 6 पीपल व बरगद के वृक्ष बचे है। समय समय पर शासन वृक्षा रोपण कराता है लकिन उनका संरक्षण नहीं होने से वह पनप नही ंपाते है। मात्र समशान भूमि में लगे वृक्ष इसलिए पनप रहे है कि नगर पालिका उसका संरक्षण कर रही है एक कर्मचारी वहां पर मौजूद रहकर उनकी देखभाल कर रहा हैं दूसरे नगर के दो पार्को मंे भी पौधे पनप रहे है यह सब नगर पालिका की देन है। शहर मंे वैसे भी बगीचों की कमी हो गई हैं पहले दर्जन भर बगीचे थे लेकिन वहा ंपर कालोनियांे काट दी गई जिससे बगीचे कम हो गए है।

प्रशासन एवं समाज सेवी बीड़ उठा लें तो सड़क के दोनो किनारों सहित स्कूल परिसरों पर सैकड़ों पौधांे का रोपण कर उनका संरक्षण कर कुछ ही दिन मंे उन्हंे वृक्ष बनाकर तापमान को कंट्रोल किया जा सकता है। उन्होने युवाओं को सोशल डिस्टंेश का पालन कराते हुए पौधा रोपण कर उनका संरक्षण करने का संकल्प दिलाया।