समझौता से चेक बाउंस,पारिवारिक विवाद, बिल संबंधी विवादों का निपटारा
भोपाल। नेशनल लोक अदालत में 6017 मामलों का निपटारा करते हुए 33 करोड़ 19 लाख 52 हजार 617 रुपए की राशि के समझौता और मुआवजा पारित किए गए। इसके लिए जिला अदालत और तहसील अदालत में 56 खंडपीठों का गठन किया गया था। लोक अदालत के आयोजन में कोविड-19 गाइड लाइन का पालन किया गया और पक्षकारों से न्यायाधीशों से सीधे बात करके उनकी सहमति जानी।
इस लोक अदालत का वर्चुअली शुभारंभ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मो. रफीक ने करते हुए कहा कि, लोक अदालत के माध्यम से मामलों का फाइनली डिस्पोजआॅफ हो जाता है, जिससे पेंडेंसी कम होने के साथ ही दोनों पक्षों में भी आगे विवाद की संभावना खत्म हो जाती है। ऐसे में अधिकतम मामलों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से होना चाहिए, जिससे कम समय में ही विवादों का सर्वमान्य निराकरण हो जाएगा। भोपाल जिला अदालत में प्रभारी प्रधान जिला न्यायाधीश उपेंद्र कुमार सिंह ने शुभारंभ दीप प्रज्वलन करके किया और आपसी समझौते से निराकृत होने वाले मामलों के पक्षकारों को शुभकामनाएं दी।
जिला रजिस्ट्रार एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश संजय सिंह बुंदेला ने बताया कि लोक अदालत में दीवानी, दांडिक, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, प्री लिटीगेशन, लोक उपयोगी सेवाओं संबंधी विवाद, नगर पालिका अधिनियम, मोटर दुर्घटना दावा सहित विद्युत अधिनियम के अंतर्गत मामलों की सुनवाई करके समझौता पारित किया गया। मुआवजा राशि का भुगतान कोर्ट के सामने ही पक्षकारों को आॅनलाइन कराया गया।


