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मध्यप्रदेश बन रहा है अब निवेश का बड़ा केंद्र : मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं। आगामी 8, 9 एवं 10 जनवरी को इंदौर में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में 80 देशों के प्रवासी भारतीय शामिल होंगे। साथ ही 11 और 12 जनवरी को इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिए 52 देशों द्वारा स्वीकृति दे दी गई है। मध्यप्रदेश की धरती पर 5जी सेवाएँ शुरू हो गई हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कटनी में लघु उद्योग भारती के स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2022 में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शासकीय योजनाओं की जानकारी देने वाले क्यूआर कोड भी लॉन्च किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार स्टार्टअप और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रकार की सुविधाएँ दे रही है। प्रदेश की स्टार्टअप नीति में नए स्टार्टअप्स को एक करोड़ रूपए तक की विशेष प्रोत्साहन सहायता का प्रावधान किया गया है। इनोवेटिव आइडिया होने पर बैंक से केपिटल फंड की भी व्यवस्था की जाती है। प्रदेश में स्टार्टअप्स को सहायता करने के लिए विशेषज्ञों का स्टार्टअप सेंटर भी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश को स्वावलंबी बनाने में लघु उद्योग भारती के प्रयास सराहनीय हैं। प्रदेश में एमएसएमई की इकाई डालने पर केपिटल सब्सिडी, सस्ती जमीन, पूँजी, ब्याज सब्सिडी आदि सहायता दी जाती है। हाल ही में एक दिन में ही प्रदेश में 1900 लघु औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया गया। अब 5 हजार उद्योगों के प्रारंभ होने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने युवाओं से प्रदेश में स्टार्टअप शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे नौकरी करने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें। अपना खुद का काम-धंधा शुरू करें। सरकार उसमें पूरी सहायता देगी। स्टार्टअप लगाने में बेटियों को सरकार द्वारा 20 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि यदि दृढ़निश्चय कर लें तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। भारत के श्री सुंदर पिचई ने चमत्कार कर दिखाया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बच्चों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि बारहवीं कक्षा के बाद उन्हें किस दिशा में जाना है। उन्होंने कहा कि 12वीं में 75 प्रतिशत या अधिक अंक लाने पर सरकार लेपटॉप देती है। मेधावी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की फीस भी सरकार भर रही है। मध्यप्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी हिंदी में शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती की जा रही है। हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती, इसलिए आवश्यक है कि स्व-रोजगार शुरू करें, राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। वे अपना स्टार्टअप शुरू कर नौकरी देने वाले बन सकते हैं। प्रदेश के 2500 बच्चे अपना स्टार्टअप शुरू कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने युवाओं को उत्साहित करते हुए कहा कि मनुष्य अनंत शक्तियों का भंडार है। व्यक्ति हिम्मत और हौसले से ब्रह्मांड पर भी कमांड कर सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक बार फिर सोने की चिड़िया और विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर है।

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