भोपाल। कोरोना संक्रमण के चलते राजधानी में दिन-प्रतिदिन नए मरीज सामने आ रहे है। ऐसे में प्रशासन की शिक्षकों की ड्यूटी लगाने में बड़ी लापरवाही सामने आई है। इसमें ऐसे शिक्षकों को ड्यूटी पर लगा दिया गया है, जो दिव्यांग और कैंसर पीडि़त महिलाएं है। ड्यूटी लगाने पर अब सवाल खड़े होने लगे है। जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए घर-घर जाकर सर्वे का काम शुरू किया है। इसमें जिले के 1250 सहायक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। ड्यूटी लगाने में खास बात यह है कि अध्यापक संवर्ग से नियमित हुए एक भी शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई है। इसमें पूर्व के नियमित शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। इसमें कई शिक्षक सेवानिवृत्ति की कगार पर पहुंच चुके है। इनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है। इसके अलावा जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई उसमें कैंसर पीडि़त और दिव्यांग महिला शिक्षक भी शामिल है। इनकी ड्यूटी लगाने से पहले जिम्मेदारी अधिकारियों ने इसे देखा तक नहीं है। ड्यूटी लगाने की सूची जारी होने के बाद से शिक्षकों में विरोध के स्वर उभरने लगे है।
दिव्यांग और कैंसर पीडि़त महिलाओं की सर्वे में ड्यूटी
अप्रैल 20, 2020
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